Thursday, 3 March 2016

Rohith Vemula Enquiry Commission is Invalid and Illegal


रोहित वेमुला जांच आयोग अमान्य और गैर-क़ानूनी है

(जाँच कमीशन का गजट नोटिफिकेशन) दिनांक (2 फरबरी 2016) Invalid (अमान्य) और गैरकानूनी है ।
इसके अलावा इस सम्बन्ध में, मैं यह भी कहना चाहतीं हूँ की सेक्शन 3(1) कमीशन और इन्क्वायरी एक्ट 1952 का, जिसके तहत कमीशन और इन्क्वायरी एक्ट 1952 का कमीशन नियुक्त किया गया है, मैं यह जरुरी शर्त रखी गयी है की कमीशन नियुक्त करने करने का अध्यादेश गजट में प्रकाशित करने से पहले केंद्र सरकार को इस बात की क़ानूनी बाध्यता है की वो संसद के दोनों सदनों में एक प्रस्ताव (Resolution) कमीशन बनाने के लिए लाकर उसे पास कराएगी और उसके बाद ही फिर उसका "गजट नोटिफिकेशन" जारी करेगी ।
परंतु इस मामले में केंद्र की सरकार कोई भी प्रस्ताव संबधित कमीशन को बनाने के लिए संसद के किसी भी सदन में नहीं लायी है और इसके बिना ही सीधे उसका गजट नोटिफिकेशन दिनांक 2 फरवरी 2016 को जारी कर दिया गया है ।
जबकि उस समय संसद भी नहीं चल रहा था ।
ऐसी स्तिथि में, हमारी पार्टी का इस सम्बन्ध में यह कहना है की ऐसा केंद्र की सरकार द्वारा इसलिए जाबूझकर एक सोची-समझी साजिश के तहत किया गया है की इससे आगे चलकर यह कमीशन ऑफ इन्क्वायरी अदालत से गैर-क़ानूनी घोषित हो जाये और फिर कमीशन द्वारा दी गयी रिपोर्ट अवैध व गैर-क़ानूनी करार कर दी जाये। यह सब केंद्र की सरकार की दलित विरोधी मानसिकता व नियत को साफतौर से दर्शाता है ।
--- बसपा प्रेस विज्ञप्ति का अंश , दिनांक 26 फरवरी 2016
( Excerpt from BSP Press Release , Date 26 February 2016 )