Monday, 25 January 2016

आप भी लिखो !

आप लोग मेरे स्टेटस को Like करना बंद कीजिए प्लीज.
अपना लिखिए. जैसा बन पड़े, वैसा लिखिए. लिखना क्राफ्ट है. करने से हाथ सध जाता है. फोटो और वीडियो लगाइए.
यहां संघियों को अपना टाइम लगाने दीजिए.
देश को लाखों बहुजन फुले-आंबेडकरवादी लेखक और कम्युनिकेटर चाहिए. भारत के सारे चैनल और बड़े अखबार और मैगजीन ब्राह्मणवादी सवर्णों के नियंत्रण में हैं. कोई अपवाद नहीं है.
वहां कुछ लोग सहानुभूति का नाटक कर रहे हैं. पर वे दूसरों की तरफ से ही खेल रहे हैं. निर्णायक क्षणों में वे आपके साथ नहीं होंगे. भारतीय मीडिया को लोकतांत्रिक बनाने के लिए आपका लेखक बनाना जरूरी है. आपके लाइक्स का मैं क्या करूंगा? लिखिए.

---- Dilip C Mandal

No comments:

Post a Comment